मुख्य बिंदु:
हरियाणा की 16 वर्षीय दीया यादव डब्ल्यूपीएल में खेलने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी. शेफाली वर्मा जैसी आक्रामक बल्लेबाजी दिखाते हुए उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए बेस प्राइस पर ऑक्शन में चुनी गई. दीया का लक्ष्य पिछले रिकॉर्ड को तोड़ना और नई पहचान बनाना है.
दिल्ली: जब इस साल के डब्ल्यूपीएल ऑक्शन से पहले जब उन युवा भारतीय टैलेंट का नाम लिखा जा रहा था जिन पर फ्रेंचाइजी की नजर रहेगी तो एक नाम सबसे ज्यादा हैरान करने वाला था. ये नाम था हरियाणा की एक ज़बरदस्त टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज दीया यादव का. ख़ास खूबी ये कि न सिर्फ शेफाली वर्मा के साथ क्रिकेट खेला, उन जैसा ही खेला भी. सबूत इस साल का सीनियर वूमेन टी20 टूर्नामेंट जिसमें 8 पारी में 59.50 औसत और 128 स्ट्राइक रेट से 298 रन बनाए 50+ के तीन स्कोर के साथ. यही फॉर्म इंटर-जोनल टी 20 में जारी रही और 150 स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए नॉर्थ ज़ोन को फाइनल तक पहुंचाया. इसी चर्चा में ये बताना जरूरी है कि अभी उम्र सिर्फ 16 साल को पार ही की है.
डब्ल्यूपीएल कॉन्ट्रैक्ट पाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी दीया
ये सब सोच गलत नहीं रही और दीया डब्ल्यूपीएल में खेलने का कॉन्ट्रैक्ट पाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई. ऑक्शन तो हमेशा की तरह जोश और उम्मीद के बीच, बड़ी कीमत और अनसोल्ड की चर्चा का रहा पर दीया यादव जैसी खिलाड़ी ने ये दिखाया कि नई टैलेंट सामने आ रही है. दिल्ली कैपिटल्स ने दीया को उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपये पर खरीदा. संयोग से यहां भी शेफाली वर्मा का साथ मिला जो पहले से इसी टीम की रिटेन लिस्ट में थी. मुंबई में वर्ल्ड कप फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने के बाद शेफाली ने दीया का ऑनलाइन वेलकम किया.
शेफाली वर्मा जैसी आक्रामक बल्लेबाजी
दोनों हरियाणा के लिए एक साथ खेली हैं. दीया ने शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी स्टाइल को न सिर्फ नजदीक से देखा, वैसा खेलने की कोशिश भी की. इस स्टाइल का संकेत दो साल पहले रायपुर में, अंडर-15 वूमेन वन-डे कप के दौरान ही मिल गया था. त्रिपुरा के विरुद्ध सिर्फ 125 गेंद में 213* रन और उसी वक्त ही वह दिल्ली कैपिटल्स के टैलेंट स्काउट की नजर में आ गई थी. इस साल सीनियर वूमेन टी20 ट्रॉफी में जैसा क्रिकेट खेला, उसे देख तो ये मान लिया था कि दीया एज-ग्रुप से सीनियर प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने के लिए तैयार है.
टीम ने इसे छिपाया नहीं और इसलिए सिर्फ 10 लाख रुपये में दीया को टीम में लेना भले ही डब्ल्यूपीएल 2026 के लिए मास्टर स्ट्रोक न हो पर भविष्य के लिए एक गजब का इन्वेस्टमेंट है. डब्ल्यूपीएल में अपनी अलग पहचान के साथ दीया ने एंट्री की. न बड़ा नाम और न बड़ा चैक पर उम्र सबसे कम और इसी ने पूरी क्रिकेट की दुनिया में चर्चा दिला दी.
दीया की स्टोरी
दीया की स्टोरी भी क्रिकेट में नई आ रही खिलाड़ियों जैसी ही है. पिता राकेश यादव को क्रिकेट खेलते देखा. वे दिल्ली अंडर-19 क्रिकेट खेले और उसी से 7 साल की होने से पहले ही दीया ने बैट पकड़ना सीख लिया था. क्रिकेट के माहौल की वजह से क्रिकेट में दिलचस्पी हुई. सोसाइटी में गली क्रिकेट खेलते लड़कों को देख मोटिवेशन मिला. 2017 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत को लॉर्ड्स में इंग्लैंड से हारते देखने के बाद आंसू तो बहाए पर खुद अच्छा खेलने का जोश भी मिला. कोविड के दौरान परिवार वापस हरियाणा लौट आया और ये दीया की क्रिकेट के लिए ये एक मास्टर स्ट्रोक फैसला साबित हुआ.
अब पिता को उम्मीद है कि दिल्ली कैपिटल्स के क्वालिफाइड कोच दीया के टैलेंट को एक प्रोफेशनल की तरह और निखारेंगे. ‘मैं पहली बार इतने बड़े प्लेयर्स के साथ खेलूंगी। सीनियर्स के साथ खेला है, लेकिन अब इंटरनेशनल प्लेयर्स के साथ खेलूंगी. मैं उनके गेम प्लान को लेकर बहुत कुछ सीखने की चाह है.’
डब्ल्यूपीएल के पिछले सीजन में जी कमलिनी ने 16 साल 213 दिन की उम्र में डेब्यू के साथ डब्ल्यूपीएल की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी का रिकॉर्ड बनाया था 18 फरवरी को वडोदरा में मुंबई इंडियंस के लिए गुजरात जायंट्स के विरुद्ध खेलकर (पिछला रिकॉर्ड: शबनम शकील 16 साल और 263 दिन). इस साल उनका रिकॉर्ड तोड़ने के लिए दीया तैयार है.
