Royal Challengers Bengaluru (RCB)
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Overview:

क्रिकेट पंडित आकाश चोपड़ा ने आईपीएल 2026 के लिए पांच बदलाव सुझाए हैं, जिनमें बोनस पॉइंट सिस्टम, मिड-सीजन ट्रांसफर, लेग-साइड वाइड की स्पष्टता, गंभीर चोट पर सब्स्टीट्यूट और पावर सर्ज शामिल हैं. ये सुधार आईपीएल को और दिलचस्प और प्रतिस्पर्धात्मक बनाएंगे.

दिल्ली: आईपीएल 2026 अभी दूर है पर इसकी चर्चा शुरू हो चुकी है. हर सीजन से पहले ही ये चर्चा होती है कि इस और भी रोमांचक बनाने के लिए प्लेइंग कंडीशंस में क्या ख़ास बदलाव किए जाएं? आईपीएल 2026 के लिए आकाश चोपड़ा ने 5 बदलाव का सुझाव दिया है. आकाश चोपड़ा भारत के उन कुछ पुराने क्रिकेटरों में से एक हैं जो इस समय क्रिकेट में आ रहे बदलाव के साथ बॉउंड्री के बाहर से जुड़े हुए हैं और इसीलिए उनकी सोच को सुना जाता है. देखिए अब वे प्लेइंग कंडीशंस में किन 5 बदलाव की बात कर रहे हैं:

नेट रन रेट की जगह बोनस पॉइंट :

मौजूदा पॉइंट सिस्टम के बारे में बात करते हुए वे नेट रन रेट को महत्व देने की जगह बोनस पॉइंट चाहते हैं. इस समय पॉइंट बराबर होने पर नेट रन रेट की गिनती सबसे ख़ास बन जाती है. वे इसे गलत नहीं मानते पर बोनस पॉइंट से रोमांच बढ़ेगा. मिसाल के तौर पर वे 20 प्रतिशत बेहतर खेल पर बोनस पॉइंट की बात करते हैं. एक टीम ने 200 रन बनाए और दूसरी टीम को 160 से कम पर रोक दिया तो बोनस पॉइंट मिलेगा. इसी तरह 200 रन का लक्ष्य है तो उसे 16 ओवर में हासिल करने पर बोनस पॉइंट. कभी-कभी तो ये बोनस पॉइंट मैच में हार और जीत जितने ही ख़ास हो जाएंगे.

मिड-सीजन ट्रांसफर:

जो खिलाड़ी एक टीम इस्तेमाल नहीं कर रही और सीजन में आगे के लिए भी उनकी जरूरत नहीं, वे मिड-सीजन ट्रांसफर की बदौलत किसी दूसरी टीम में जा सकते हैं. वैसे ये सुझाव नया नहीं और ये प्लेइंग कंडीशन तो अब भी है पर इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा. हर टीम अपने खिलाड़ियों को रोके रखती है जिससे कई खिलाड़ी पूरे सीजन बेंच पर ही बैठे रह जाते हैं. इसे लागू किया जाए, इसके लिए उनका सुझाव ये है कि एक टीम ने पहले 8 मैच में जिन खिलाड़ियों को इस्तेमाल नहीं किया उनमें से 3 खिलाड़ियों का नाम खुद ही दे ताकि ये खिलाड़ी दूसरी किसी टीम की जरूरत पूरी कर सकें. इससे हर खिलाड़ी को खेलने का बेहतर मौका मिलेगा और टीम को भी अपनी कमी पूरा करने का विकल्प मिलेगा.

लेग-साइड वाइड को और स्पष्ट करें:

वे अंपायरिंग स्टैंडर्ड की बात करते हुए ख़ास तौर पर लेग-साइड वाइड पर भी सवाल उठा रहे हैं. इस समय एक लाइन स्टंप से काफी दूर और दूसरी उनके पास होती है. इन लाइन में से किसी को भी वाइड मार्क नहीं मानते. उनके अनुसार अब जैसे ही गेंद लेग स्टंप से थोड़ा सा बाहर जाती है, उसे वाइड दे देते हैं जबकि ये गलत है. हर ऐसी गेंद, वास्तव में ऐसी नहीं होती कि उसे खेल न सकें. इसलिए वे एक ऐसी लाइन की बात कर रहे हैं जिससे बाहर की गेंद को वाइड दें.

बड़ी और गंभीर चोट पर टीम में सब्स्टीट्यूट:

आकाश चोपड़ा कन्कशन के अलावा और दूसरी बड़ी चोट पर भी टीम के लिए सब्स्टीट्यूट कवर चाहते हैं. अगर कन्कशन के लिए सब्स्टीट्यूट का विकल्प है तो गंभीर चोट के लिए भी ऐसा क्यों न किया जाए? इस मामले में बीसीसीआई ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ऐसा प्रयोग शुरू कर दिया है. वे चाहते हैं कि भारत टी20 लीग में भी इसे लागू करने में सबसे आगे रहे. आईपीएल से शुरुआत होगी तो बाकी लीग भी इसे लागू करने पर सोचेंगी.

पावर सर्ज:

ये सुझाव उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग से लिया है. वहां बल्लेबाजी कर रही टीम किसी भी समय पावरप्ले के दो ओवर ले सकती हैं. उनका मानना है कि बोनस पॉइंट और ये दो पावर प्ले ओवर, लीग में हो रहे खेल को एकदम बदल सकते हैं.

अब बीसीसीआई इन सुझाव पर क्या सोच रखता है ये तो आगे पता चलेगा पर इतना तय है कि ये आईपीएल में खेल रहे क्रिकेट को एक नयापन जरूर देंगे.