Sai Sudarshan
Sai Sudarshan

Overview:

साई सुदर्शन को टेस्ट में नंबर 3 पर लगातार मौका मिल रहा है, जबकि उनका प्रदर्शन औसत रहा है और फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड भी प्रभावशाली नहीं. चयन में पक्षपात और आईपीएल फॉर्म के आधार पर चयन पर सवाल उठ रहे हैं. करुण नायर, सरफराज खान जैसे खिलाड़ियों की अनदेखी चर्चा में है.

दिल्ली: अहमदाबाद टेस्ट में वेस्टइंडीज के विरुद्ध भारत की बड़ी जीत की चर्चा में, टीम के खेल की कमियों का छिप जाना कोई हैरानी की बात नहीं पर एक मुद्दा ऐसा है जो टीम इंडिया के लिए बहुत बड़ा सवाल है.

जब आईपीएल 2025 के दौरान साई सुदर्शन लगातार रन बना रहे थे तो यहां तक लिखा गया था कि अगर साई के पास शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसा पीआर होता तो वह वनडे और टेस्ट दोनों में टीम इंडिया में नियमित खेलते. इस साल के इंग्लैंड टूर के लिए शुभमन के कप्तान बनने से पहले तो साई को, तब तक टेस्ट में 35 के आस-पास का औसत दर्ज कर रहे शुभमन से भी बेहतर बताने की कोशिश हुई. यही साई, अब अहमदाबाद टेस्ट के बाद निशाने पर हैं. बात सिर्फ उनके 7 पर आउट होने की नहीं है, मुद्दा ये है कि क्या आईपीएल की फार्म पर साई को टेस्ट क्रिकेटर बनाने की कोशिश सही है?

  • पिछली 7 टेस्ट पारी में साई के स्कोर: 0, 30, 61, 0, 38, 11, 7 रन.
  • कुल 7 टेस्ट पारी में 147 रन जिसमें एक स्कोर 61 का और उसे हटा दें तो बाक़ी 6 पारी क्या उन्हें टेस्ट बल्लेबाज साबित करती हैं?
  • उस पर अपने सभी 4 टेस्ट की 7 पारी में नंबर 3 पर बल्लेबाजी की और ये वही बल्लेबाजी नंबर है जिस पर सालों राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे बल्लेबाज खेले हैं.

क्या साई के मामले में सेलेक्टर कुछ ज्यादा उदार नहीं रहे हैं? खुद साई कब समझेंगे कि उन्हें नंबर 3 पर ज़्यादा मौके नहीं मिलेंगे. कोई आरोप लगाना सही नहीं होगा पर क्या साई को उस गुजरात टाइटंस के लिए खेलने का फायदा मिल रहा है, जिसके कप्तान वही शुभमन हैं जो टीम इंडिया के कप्तान हैं? उनके नाकामयाब होने की सबसे बड़ी कीमत ये कि सरफराज खान, रजत पाटीदार और श्रेयस अय्यर जैसे टीम से बाहर हैं.

इसलिए जहां एक तरफ टी20 और टेस्ट क्रिकेट के बीच फर्क में साई को अपनी कमजोरियों पर काम करना चाहिए वहीं सबक ये भी है कि उन्हें कुछ और बल्लेबाज के दावे को नजरअंदाज कर चुना गया. साई का तो फर्स्ट क्लास क्रिकेट रिकॉर्ड भी साथ नहीं देता. 40 का औसत भी नहीं है उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में.

इस चर्चा में करुण नायर का नाम जरूर आएगा जो इंग्लैंड टूर पर 4 टेस्ट खेलने के बाद बाहर कर दिए गए. साई भी इंग्लैंड में खेले 3 टेस्ट में कुछ ख़ास न कर पाए पर अहमदाबाद टेस्ट में मौका मिला जबकि सेलेक्टर्स ने भारत में करुण को ‘कम बैक’ का दूसरा मौका नहीं दिया. ठीक है करुण ने भी इंग्लैंड में मिले मौके पर बड़े स्कोर नहीं बनाए पर सच ये है कि नाजुक मुकाम पर कुछ कीमती पार्टनरशिप में हिस्सेदार थे. सेलेक्टर्स कहते है साई को उनकी उम्र के कारण वरीयता दी गई. ऐसा है तो सरफराज खान या अभिमन्यु ईश्वरन टीम में क्यों नहीं हैं? पहले टेस्ट में, साई को उस गेंदबाजी पर मौका मिला जिस पर टॉप 6 में से 3 ने 50+ रन बनाए पर वह 7 रन बनाकर आउट हो गए.

अहमदाबाद में जुरेल के 100 ने समीकरण और मजेदार कर दिया. अगर साई सुदर्शन दिल्ली टेस्ट में फिर से नाकामयाब होते हैं और ध्रुव जुरेल वहां भी रन बनाते हैं तो ऋषभ पंत की वापसी पर साई को बाहर करना होगा, जुरेल को नहीं. जुरेल नंबर 3 पर हो रहे प्रयोग में शामिल होने के हकदार हैं. चेतेश्वर पुजारा के बाद से ही नंबर 3 की ‘म्यूजिकल चेयर’ जारी है.