2023 में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप की मेजबानी इस बार भारत कर रहा है। यह इस साल का सबसे प्रमुख आईसीसी टूर्नामेंट होगा, जो नवंबर-दिसंबर में खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईसीसी टूर्नामेंट के लिए कुल 13 स्थानों को शॉर्टलिस्ट किया है। वनडे वर्ल्ड कप का इस बार 13वां संस्करण है। इंग्लैंड इसका डिफेंडिंग चैंपियन है, जिसने 2019 में ट्रॉफी जीती थी। भारत ने 1983 में इंग्लैंड और 2011 में अपने देश में विश्वकप जीतने के बाद से ट्रॉफी नहीं जीती है। पिछले 12 साल में भारत 2015 और 2019 में सेमीफाइनल में हारने के साथ दो बार वर्ल्ड कप के फाइनल में नहीं पहुंच पाया है। इस बार मेजबान होने के नाते भारत को घरेलू पिचों का सीधा फायदा मिल सकता है। ऐसे में एक शक्तिशाली टीम होनी बहुत जरूरी है। हम इस साल के अंत में होने वाले विश्व कप के लिए टीम इंडिया की अंतिम एकादश का अनुमान लगा रहे हैं कि इनमें किन बेहतरीन खिलाड़ियों को चुना जा सकता है।
रोहित शर्मा
बल्लेबाजी में टीम का आगाज भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा खुद कर सकते हैं क्योंकि वह सबसे अनुभवी और शानदार सलामी बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक 243 मैचों में 30 शतक और 48 पचासे की मदद से 9825 रन बनाए हैं। वह तीन दोहरे शतक भी जमा चुके हैं, जो दर्शाता है कि वो जब लय में होते हैं तो क्या कर सकते हैं। हालांकि, बीते काफी समय से वह अच्छी फॉर्म में नहीं थे लेकिन उम्मीद यही जताई जा रही है कि हिटमैन क्रिकेट जगत के सबसे अहम टूर्नामेंट में कप्तान के रूप में अपनी जिम्मेदारी पारियां जरूर खेलेंगे।
शुभमन गिल
आईपीएल 2023 के पूरे टूर्नामेंट में भारतीय पिचों पर जिस तरह से शुभमन गिल ने आतिशी बल्लेबाजी की थी, उसने एकदिवसीय विश्वकप को लेकर उनके इरादे जगजाहिर कर दिए। 24 साल के इस सलामी बल्लेबाज ने वनडे में 19 मैचों में 1000 रन बनाकर इतिहास रचा है। वह वनडे में सबसे तेज एक हजार रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। वह इतनी कम उम्र में ही दोहरा शतक (149 गेंदों पर 208 रन) भी लगा चुके हैं। लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए गिल ने 19 पारियों में साबित कर दिया कि वो 69 के औसत और 110 के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर रोहित शर्मा के साथ सलामी बल्लेबाज के रूप में क्या कमाल दिखा सकते हैं।
विराट कोहली
फर्स्ट डाउन पर क्रिकेट की दुनिया के ‘विराट’ कोहली उतर सकते हैं। वैसे भी उन्हें फर्स्ट डाउन में बल्लेबाजी करना पसंद है। इस पीढ़ी के सबसे महान बल्लेबाजों में शामिल विराट टीम इंडिया की अंतिम एकादश के सबसे अहम खिलाड़ी हैं। वनडे क्रिकेट में लगभग सभी तरह के रिकॉर्ड बना चुके दाएं हाथ के बल्लेबाज इस बार अपना चौथा वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे। वो चाहेंगे कि अपने खाते में एक और वनडे वर्ल्ड कप जीतने की उपलब्धि हासिल कर सकें। उन्होंने इस साल वनडे में 2 शतक लगाए हैं। कोहली ने इस साल 9 वनडे मैचों में 53.37 की औसत से 427 रन बनाए हैं।
सूर्य कुमार यादव
मिस्टर 360 डिग्री के नाम से मशहूर हो चुके मेन इन ब्लू टीम के सूर्यकुमार यादव को अंतिम एकादश में शामिल करने से कोई रोक नहीं सकता है। वह मुश्किल में खड़े रहकर बड़े-बड़े आगे-पीछे शॉट लगाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। वह अब टीम इंडिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। उनकी सेकेंड डाउन पर टीम को सबसे ज्यादा जरूरत होगी।
केएल राहुल या ऋषभ पंत
वैसे तो केएल राहुल काफी समय से खराब प्रदर्शन के चलते आलोचनाओं का शिकार होते रहे हैं, लेकिन अगर ऋषभ पंत सड़क दुर्घटना में लगी चोट से वर्ल्डकप तक नहीं उबर पाए तो राहुल को टीम का हिस्सा बनाया जा सकता है। माना जा रहा है कि राहुल को सलामी बल्लेबाजी की बजाए तीसरे डाउन पर उतारा जा सकता है क्योंकि रोहित और शुभम एक-दूसरे के साथ सेट हो चुके हैं । टीम को एक ऐसा खिलाड़ी चाहिए, जो विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी भी अच्छी कर सकता हो। अगर ऋषभ लौट आते हैं तो राहुल का बाहर होना तय है।
हार्दिक पांड्या
भारतीय टीम के टी-20 कप्तान और हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या के चौथे डाउन पर हिटर के रूप में उतारा जा सकता है। वैसे भी वह इस क्रम में बल्लेबाजी के सबसे मुफीद हैं। वह बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी बढ़िया कमाल दिखा लेते हैं। ऐसे में उनके होने से टीम में एक तेज गेंदबाज की कमी भी पूरी हो जाएगी। इस भावी कप्तान की भारतीय एकादश में जगह शत-प्रतिशत पक्की है और वह वर्ल्ड कप में बड़ा कमाल दिखाकर वनडे कप्तानी के अगले दावेदार के रूप में अपनी जगह मजबूत करना चाहेंगे।
रवींद्र जडेजा
माना जा रहा है कि रवींद्र जडेजा का यह आखिरी विश्वकप होगा। ऐसे में उनकी पूरी कोशिश होगी कि वह टीम को तीसरा विश्व कप खिताब जिताएं। वैसे भी भारतीय पिचों पर उनकी बल्लेबाजी की बात आए या गेंदबाजी की, वो दोनों में ही खरे उतरने की काबिलियत रखते हैं। डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाने हों या टीम को संभालना हो, वो दोनों भूमिकाओं में माहिर हैं। आईपीएल 2023 के फाइनल में अनहोनी को होनी में तब्दील करके उन्होंने दिखा दिया है कि टीम इंडिया में उनकी जगह कितनी अहम है।
अक्षर पटेल
भारतीय पिचों पर टीम इंडिया को ऑलराउंडर खिलाड़ियों की सबसे ज्यादा जरूरत होगी। उनके होने से आखरी तक भारत का बल्लेबाजी क्रम भी मजबूती नजर आएगा, जो विपक्षी टीम पर दबाव बनाने के लिए काफी है। बीच के ओवरों में जडेजा के साथ उनकी फिरकी गेंदबाजी विपक्षी टीम के स्कोर को धीमा कर सकती है। वैसे भी भारतीय पिचों पर टीम में 3 से चार फिरकी गेंदबाजों के विकल्प होने आवश्यक होते हैं।
युजवेंद्र चहल/कुलदीप यादव
स्पिन के प्रमुख आक्रमण को लेकर थोड़ा पसोपेश है। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव में वर्ल्ड कप की टीम इंडिया में शामिल होने को लेकर कड़ी जंग दिख सकती है। दोनों ही बेहतरीन फिरकी गेंदबाज हैं। ऐसे में इनमें से किसी एक को ही टीम में शामिल किया जाएगा। हालांकि, इसमें कोई शक नहीं कि दोनों में से कोई भी गेंदबाज भारतीय एकादश में शामिल होता है, तो वह कमाल दिखाने का मौका छोड़ने वाला नहीं।
जसप्रीत बुमराह/अर्शदीप सिंह
जसप्रीत बुमराह काफी समय से अपनी इंजरी के चलते टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। उनकी गैर मौजूदगी में कई तेज गेंदबाज आए और इस तरह टीम इंडिया के भविष्य के तेज गेंदबाजों का समूह बढ़ता चला गया। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि वह विश्वकप से पहले तक वह टीम में लौट आएंगे। अगर वो नहीं आ पाते हैं तो उनकी जगह अर्शदीप का आना लगभग तय ही ही है क्योंकि उन्होंने आईपीएल से लेकर वनडे, टी-20 तक में अपने गेंदबाजी का कमाल दिखाया है।
मोहम्मद शमी
मोहम्मद शमी की अंतिम एकादश में जगह तय है और वह वर्ल्ड कप में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाल सकते हैं। वर्तमान में वह टीम इंडिया के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं और वह अपनी अहमियत समय-समय पर साबित भी करते रहते हैं।
