Team shuffle before IPL 2026, chaos in the trading window
Team shuffle before IPL 2026, chaos in the trading window

Overview:

तो ऑक्शन और ट्रेडिंग विडो में फर्क क्या है? ऑक्शन में कोई गारंटी नहीं कि टीम को एक मनपसंद खिलाड़ी, सही लग रही कीमत पर मिल जाएगा. ट्रेडिंग विंडो में सीधे मनपसंद खिलाड़ी के बारे में उसके फ्रेंचाइजी से सौदा और इस तरह से बहुत संभव है कि कोई बड़ा खिलाड़ी 'सस्ते' में मिल जाए. 2024 सीज़न से पहले, मुंबई इंडियंस ने असल में दो बड़े ट्रेड किए थे पर चर्चा मिली पांड्या वाले किस्से को.

दिल्ली: आईपीएल की चर्चा का अंदाज अब ये है कि एक सीजन खत्म हुआ नहीं कि अगले सीजन की चर्चा शुरू हो जाती है. पिछले कुछ दिनों से संजू सैमसन के राजस्थान रॉयल्स और आर अश्विन के सीएसके से रिलीज होने और किसी अन्य टीम में जाने की खबर खूब चर्चा में है. अभी ऑक्शन तो दूर है तो किस सिस्टम के अंदर अब संजू या ऐसे ही और किसी खिलाड़ी के लिए टीम बदल सकती है? ये भी टीमों के लिए खिलाड़ी जुटाने का एक तरीका है और नाम है ट्रेडिंग यानि कि खिलाड़ियों का ‘व्यापार’ जिसमें बिक्री/खरीद नकद हो सकती है या खिलाड़ियों की अदला-बदली भी. आईपीएल 2026 के लिए ट्रेडिंग विंडो खुली हुई है और कोई भी फ्रैंचाइज़ी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

इस ट्रेडिंग विंडो में जो बदलाव होने हैं, ऑक्शन से पहले या बाद में होंगे. जो आसार चल रहे हैं, संजू सैमसन और अश्विन उन हाई-प्रोफाइल नाम में हैं जो अपनी मौजूदा टीम से अलग होंगे बशर्ते उनके लिए सही सौदा हो जाए. जब आईपीएल शुरू हुई तो शुरू के कुछ साल इस ट्रेडिंग विंडो में कोई ख़ास हलचल नहीं हुई. केएल राहुल का 2016 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में जाना इसी का हिस्सा था पर इस पर कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ. इसके उलट हार्दिक पांड्या की 2024 में गुजरात टाइटन्स से मुंबई इंडियंस में वापसी इस ट्रेडिंग विंडो की सबसे बड़ी और विवादस्पद हलचल रही. मुंबई इंडियंस ने इस सिस्टम की शर्तों का सही और बखूबी इस्तेमाल कर पांड्या को वापस ले लिया.

तो ऑक्शन और ट्रेडिंग विडो में फर्क क्या है? ऑक्शन में कोई गारंटी नहीं कि टीम को एक मनपसंद खिलाड़ी, सही लग रही कीमत पर मिल जाएगा. ट्रेडिंग विंडो में सीधे मनपसंद खिलाड़ी के बारे में उसके फ्रेंचाइजी से सौदा और इस तरह से बहुत संभव है कि कोई बड़ा खिलाड़ी ‘सस्ते’ में मिल जाए. 2024 सीज़न से पहले, मुंबई इंडियंस ने असल में दो बड़े ट्रेड किए थे पर चर्चा मिली पांड्या वाले किस्से को. उन्होंने कैमरून ग्रीन को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 17.5 करोड़ रुपये में बेचा और जो पैसा आया उसमें से पांड्या को 15 करोड़ रुपये में वापस ले आए. तो तीन फ्रेंचाइजी जो चाहते थे उसका हल उन्हें मिल गया.

इस तरह की ट्रेडिंग से मनमर्जी से अदला-बदली कर टीम को संतुलन दे सकते हैं. 2019 में भी यही हुआ था. शिखर धवन तब सनराइजर्स से दिल्ली कैपिटल्स गए और बदले में सनराइजर्स हैदराबाद को एक नहीं तीन खिलाड़ी मिले थे. इनमें से एक अभिषेक शर्मा थे जो तब इतना बड़ा नाम नहीं थे पर आज आईपीएल की हॉट प्रॉपर्टी में से एक हैं.

आईपीएल ट्रेडिंग विंडो, खुलती है हर आईपीएल सीजन खत्म होने के एक महीने बाद और ऑक्शन से एक हफ़्ते पहले तक खुली रहती है. ऑक्शन के बाद ये फिर से खुलती है और अगले सीजन की शुरुआत से एक महीने पहले तक खुली रहती है. इसका मतलब है कि तब तक खिलाड़ियों की अदला-बदली आपसी सहमति से चलती रहती है. इस ट्रेडिंग विंडो से फ्रेंचाइजी को इस तरह जरूरत में खिलाड़ी या नकदी मिल सकते हैं. जो खिलाड़ी ऑक्शन में ले लिए पर बाद में प्लेइंग इलेवन में फिट नहीं हो पा रहे, वे किसी और टीम की जरूरत को पूरा करने वाले साबित हो सकते हैं.

जिस तरह ऑक्शन में हर खरीद पर आईपीएल गवर्निंग की मंजूरी होती है, वैसे ही हर ट्रेडिंग भी वे मंजूर करते हैं ताकि तय हो कि रिलीज़ नियम के अनुसार है या नहीं. रवींद्र जडेजा ने 2010 में राजस्थान रॉयल्स से मुंबई इंडियंस में शामिल होने की अपने आप जो कोशिश की उसे इसीलिए ही तो मंजूरी नहीं मिली थी और बवाल हुआ. ट्रेडिंग विंडो की सबसे ख़ास शर्त है ये कि कोई भी खिलाड़ी अपने आप ट्रेडिंग की कोशिश नहीं करेगा हालांकि ट्रेडिंग तभी होगी जब वह भी सहमत हो. एक बड़ी ख़ास शर्त ये है कि एक टीम ने जिस कीमत पर ऑक्शन में खिलाड़ी खरीदा, अगर उसकी ट्रेडिंग में उससे ज्यादा कीमत मिल गई तो उस अतिरिक्त रकम में से उस खिलाड़ी को हिस्सा तभी मिलेगा जबकि उसके कॉन्ट्रैक्ट में इस तरह से पैसा लेने का विकल्प हो.

आईपीएल की कुछ सबसे बड़ी ट्रेडिंग

  • हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस में गए 15 करोड़ रुपये में – 2024
  • केएल राहुल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में गए – 2016
  • कैमरून ग्रीन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में गए – 2024
  • केविन पीटरसन दिल्ली डेयरडेविल्स में गए – 2012
  • रविचंद्रन अश्विन दिल्ली कैपिटल्स में गए – 2020