Shafali Varma and Renuka Singh WPL 2025
Shafali Varma and Renuka Singh WPL 2025

दिल्ली: महिला प्रीमियर लीग (WPL 2025) का सीजन ख़त्म हुआ और ये इतने बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन का सीजन रहा कि 11 खिलाड़ियों की टीम बनाना आसान नहीं। हर स्पॉट के लिए एक से ज्यादा दावेदार और यहां तक कि स्मृति मंधाना, जैसी क्रिकेटर के लिए टीम में जगह नहीं बनी। ये 11 हैं टीम में:

ओपनर

हेले मैथ्यूज़ (मुंबई इंडियंस) : रिकॉर्ड रहा 10 मैच में 307 रन 122+ स्ट्राइक रेट से और 18 विकेट। इससे बेहतर ऑलराउंड प्रदर्शन और क्या होगा और मुंबई की टाइटल जीत में ख़ास भूमिका निभाई। सीजन में सबसे ज्यादा विकेट और पर्पल कैप विजेता। पहले सीजन में भी ट्रॉफी जीत में ख़ास रोल रहा था।

शेफाली वर्मा (दिल्ली कैपिटल्स) : रिकॉर्ड रहा 10 मैच में 304 रन 152+ स्ट्राइक रेट से 1 फिफ्टी के साथ। सीजन का प्रदर्शन उन टीम इंडिया सिलेक्टर को जवाब है जिन्होंने ‘आउट ऑफ फार्म’ के लेबल के साथ टीम से बाहर किया था। आरसीबी के विरुद्ध 80* गजब के थे, मेग लैनिंग के साथ बेहतर ओपनिंग पार्टनरशिप और विकेट इतना कीमती कि फ़ाइनल में उनके विकेट के बाद ही मुंबई ने जीत का सपना देखा।

मध्य क्रम

नैट साइवर-ब्रंट (मुंबई इंडियंस) : रिकॉर्ड रहा 10 मैच में 523 रन 152+ स्ट्राइक रेट से 5 फिफ्टी के साथ और 12 विकेट। इस सीजन में 500 रन और लीग में 1000 रन बनाने वाली एकमात्र क्रिकेटर और साथ में 12 विकेट का बोनस। टूर्नामेंट की MVP जिसने वास्तव में टीम को दूसरा टाइटल दिलाने में ख़ास भूमिका निभाई और ऑरेंज कैप जीती। फाइनल में 28 गेंद पर 30 रन और फिर गेंदबाजी में 3 विकेट चटकाए।

हरलीन देओल (गुजरात जायंट्स) : रिकॉर्ड रहा 9 मैच में 232 रन 120+ स्ट्राइक रेट से 1 फिफ्टी के साथ। ठीक है बहुत अच्छा स्ट्राइक रेट नहीं रहा पर कीमती योगदान दिए (यूपी वारियर्स के विरुद्ध 34* और वडोदरा राउंड में एमआई के विरुद्ध 32 भी) तथा डीसी के विरुद्ध 178 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 70* बड़े कीमती थे। गुजरात जायंट्स ने पहली बार प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफाई किया।

एलिस पेरी (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) : रिकॉर्ड रहा 8 मैच में 372 रन 148+ स्ट्राइक रेट से 4 फिफ्टी के साथ और 3 विकेट भी। 93 की बल्लेबाजी औसत और लगभग 150 स्ट्राइक रेट खुद उनकी बल्लेबाजी के बारे में बता देते हैं और उस पर सीजन में सबसे ज्यादा रन की लिस्ट में नंबर 2 पर। उम्र भले ही 34 साल पर खेल किसी युवा से कम नहीं।

हरमनप्रीत कौर (मुंबई इंडियंस – कप्तान) : रिकॉर्ड रहा 10 मैच में 302 रन 154+ स्ट्राइक रेट से 3 फिफ्टी के साथ। एक ऐसी कप्तान जो मिसाल बन कर खेली और टीम की जरूरत को समझा। ख़ास तौर पर नॉकआउट में दो शानदार पारी- गुजरात के विरुद्ध 12 गेंद पर 36 और फ़ाइनल में डीसी के विरुद्ध 44 गेंद पर 66 रन। 3 सीजन में दूसरा टाइटल जीतने वाली कप्तान जिसने अपनी खिलाड़ियों का बड़ा सही इस्तेमाल किया। पूरी तरह से फिट हरमनप्रीत की, अब टीम इंडिया को इसी अंदाज में जरूरत है।

विकेटकीपर

ऋचा घोष (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु -विकेटकीपर) : रिकॉर्ड रहा 8 मैच में 230 रन 175+ स्ट्राइक रेट से 2 फिफ्टी के साथ। यूपी के विरुद्ध 69 (33 गेंद) लाजवाब थे तो गुजरात जायंट्स के विरुद्ध उनके 64* से टीम ने डब्ल्यूपीएल में सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल किया। यही फार्म आगे जारी न रही और असर टीम के रिकॉर्ड पर भी आया पर सीज़न में 8 पारियों में 230 रन कम नहीं थे जबकि फिनिशर के रोल में ध्यान अपने रिकॉर्ड पर तो था ही नहीं।

ऑलराउंडर

जेस जोनासेन (दिल्ली कैपिटल्स) : रिकॉर्ड रहा 8 मैच में 150 रन 145+ स्ट्राइक रेट से और 13 विकेट। चूंकि आखिरी ओवरों में भी गेंदबाजी की इसलिए इकॉनमी रेट कुछ ज्यादा रहा पर 13 विकेट लिए। दो अलग-अलग मैच में 61* का स्कोर नंबर 3 पर बनाया पर टीम का टाइटल का सपना अधूरा रहा।

गेंदबाज

काश्वी गौतम (गुजरात जायंट्स) : रिकॉर्ड रहा 9 मैच में 11 विकेट। पिछले सीजन में चोट की निराशा भूलकर शानदार वापसी की और चार बार गेंद की गिनती से कम रन दिए। टीम की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज और साथ में बैट से भी योगदान दिया। एलिमिनेटर के बाद हार्दिक पांड्या से मुलाकात की तो हार्दिक ने तारीफ करते हुए अपना एक बेहतर बैट देने का वायदा किया।

शिखा पांडे (दिल्ली कैपिटल्स) : 9 मैच में 11 विकेट 6.9 इकॉनमी से। शिखा टीम इंडिया में वापसी की दावेदार हैं और पूरे टूर्नामेंट के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया। ठीक है 36 साल की हो रही है पर दाएं हाथ की इस तेज गेंदबाज के अनुभव का फायदा मिलेगा और डेथ ओवरों में विकेट चटकाए। खुद शानदार प्रदर्शन और युवा खिलाड़ियों को ट्रेन भी किया।

रेणुका सिंह (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) : रिकॉर्ड रहा 7 मैच में 10 विकेट 7.9 इकॉनमी से। डीसी के विरुद्ध 3-23 गजब के थे जिसमें शैफाली वर्मा को 0 पर आउट किया था। ऑस्ट्रेलिया की किम गार्थ के साथ मिलकर आरसीबी के गेंदबाजी अटैक को मजबूती दी और नई गेंद से ख़ास भूमिका निभाई। डेथ ओवरों में कुछ महंगी खासकर यूपी वॉरियर्स के विरुद्ध मैच में पर कुल मिलाकर असरदार।