दिल्ली: वेस्टइंडीज़ के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज़ निकोलस पूरन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए फैंस को चौंका दिया. 29 वर्षीय बाएं हाथ के इस विस्फोटक बैटर ने वेस्टइंडीज़ के लिए 106 टी20 आई मैच खेले. इस दौरान, उन्होंने सीमित ओवरों के प्रारूप में वेस्टइंडीज़ के लिए कई यादगार पारियां खेलीं. पूरन का संन्यास भले ही एक युग का अंत हो, लेकिन उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा.
वेस्टइंडीज़ क्रिकेट की नई दिशा
हाल के वर्षों में वेस्टइंडीज़ क्रिकेट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन पूरन जैसे खिलाड़ियों ने यह दिखाया कि वेस्टइंडीज़ की प्रतिभा आज भी विश्वस्तर पर चमक सकती है. उनकी फ्रैंचाइज़ी लीग में सक्रियता वेस्टइंडीज़ के अन्य युवाओं के लिए एक नया रास्ता खोलती है, जहां वे अनुभव प्राप्त कर सकते हैं और भविष्य में राष्ट्रीय टीम के लिए और भी बेहतर योगदान दे सकते हैं.
ऐसे में वेस्टइंडीज़ के पुर्व कप्तान ब्रायन लारा ने हाल ही में इस बात पर ज़ोर दिया था कि युवाओं को वेस्टइंडीज़ क्रिकेट के महत्व को समझाने की जरूरत है.
56 साल के ब्रायन लारा ने SEN स्पोर्ट्सडे से बातचीत में कहा, “मेरा मतलब है कि हमें सच्चाई का सामना करना होगा, जब फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट दुनियाभर में अपने चरम पर है, ऐसे में वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के लिए अपने खिलाड़ियों को मिल रहे अंतर्राष्ट्रीय अवसरों की बराबरी करना आसान नहीं रहा. मुझे लगता है कि हमें सबसे पहले युवा खिलाड़ियों को बनाए रखने की कोशिश करनी होगी. हमें उन्हें यह समझाना होगा कि वेस्टइंडीज़ क्रिकेट का क्या मतलब है और हम इसे कैसे बचा सकते हैं.”
