बल्लेबाज तो विश्व कप में अपने बैट का जोर दिखाने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका इरादा तब पूरा होगा जब गेंदबाज ऐसा होने देंगे। बल्लेबाजों को रोकने के लिए गेंदबाजों की ब्रिगेड भी तैयार है। टॉप 6 गेंदबाज बनने के सबसे जोरदार दावेदार कौन-कौन हैं?
1. जसप्रीत बुमराह: हर विशेषज्ञ पिछले लगभग दो साल से यह कह रहा है कि सफेद गेंद की क्रिकेट में बुमराह इस समय सफ़ेद गेंद के सबसे बेहतर गेंदबाजों में से एक हैं। बात ये नहीं कि आईपीएल 2019 में उनके 16 मैच में 19 विकेट से ज्यादा विकेट किस-किस ने लिए- बात ये है कि ‘डैथ’ ओवर में भी बुमराह ने बल्लेबाजों को कैसे बांधे रखा? कम से कम 18 विकेट लेने वालों में उनके 6.63 से कम इकॉनमी रेट और किसी गेंदबाज का नहीं था।
49 वन डे इंटरनेशनल में 85 विकेट के रिकॉर्ड में भी इकॉनमी रेट सिर्फ 4.51 है। 2018 के इंग्लिश सीजन में वे खेले और कामयाब रहे। वह अनुभव अब काम आएगा।
2. कगिसो रबाडा: दक्षिण अफ्रीका के कैंप से आ रही खबरें तो यही कहती हैं कि अब रबाडा फिट हैं और विश्व कप शुरू होने तक अपनी टॉप फार्म में आ चुके होंगे। बल्लेबाजों को यह खबर अच्छी नहीं लगेगी। रबाडा आज की क्रिकेट के टॉप सीमर में से एक हैं और आईपीएल सीजन में उनका विकेट की गिनती का रिकॉर्ड आखिरी दिन टूटा – हालांकि उनके 12 मैच की तुलना में ताहिर ने 17 मैच खेले।
रबाडा ने अब तक 66 वन डे इंटरनेशनल में 106 विकेट लिए हैं – इंग्लैंड में 2017 में खेले 6 मैच में 8 विकेट लिए थे, तब से उनका गेंदबाजी का स्टाइल बहुत बदल चुका है।
3. इमरान ताहिर: दक्षिण अफ्रीका से ही दो टॉप गेंदबाजों की चर्चा इस बात का सबूत है कि इस बार दक्षिण अफ्रीका सिर्फ अपने बल्लेबाजों के दम पर नहीं, गेंदबाजों के दम पर भी जीत का दावेदार हैं। बड़ी उम्र के बावजूद लैग ब्रेक गुगली गेंदबाज ताहिर किसी को चैन नहीं लेने देंगे। आईपीएल में 26 विकेट के साथ विकेट के चार्ट में टॉप पर रहे और उन कुछ गिने चुने खिलाड़ियों में से एक, जिन्होंने फ्रेंचाइजी के पूरे पैसे वसूल कराए।
अब तक 98 वन डे इंटरनेशनल में 162 विकेट लिए हैं – इनमें से इंग्लैंड में 4 मैच में 5 विकेट (2017 में)। यह तीसरा विश्व कप है – अब तक 13 मैच में 29 विकेट। 40 साल की उम्र पार कर गए तो क्या हुआ – विकेट लेने का जोश वही है। विश्व कप के बाद सरे के लिए टी-20 ब्लास्ट में खेलेंगे।
4. मिचेल स्टार्क: ऑस्ट्रेलिया वालों ने जोश हेजलवुड को न चुनकर स्टार्क की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। इस समय विश्व के सर्वश्रेष्ठ सीमर में से एक हैं- चूंकि आईपीएल नहीं खेले इसलिए अन्य कई गेंदबाजों की तुलना में कम थके। 2015 विश्व कप में यही स्टार्क 10.18 औसत से 22 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे। गेंद नई हो या पुरानी – वे किसी से भी कम नहीं।
अब तक 75 वन डे इंटरनेशनल में 145 विकेट और इकॉनमी रेट 4.95 है। इंग्लैंड में 8 वन डे (आखिरी 2017) में 11 और विश्व कप में 8 मैच में 22 विकेट लिए हैं।
5. हसन अली: इंग्लैंड में 2019 की वन डे सीरीज में पहले 3 मैच में हसन अली का सिर्फ एक विकेट लेना भला कैसे उन्हें विश्व कप के लिए टॉप गेंदबाज साबित करता है? अपनी मीडियम पेस और विविधता की बदौलत उनका गेंदबाजी का ग्राफ लगातार ऊपर आया है। 2017 की चैंपियंस ट्राफी में 5 मैच में 13 विकेट की बदौलत प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे।
अब तक 47 वन डे इंटरनेशनल में 78 विकेट और इनमें से इंग्लैंड में 8 मैच में 12 विकेट। बड़े मैच में सही गेंदबाजी का टेम्परामेंट है हसन के पास।
6. क्रिस वोक्स: इंग्लैंड की पिच, इंग्लैंड का मौसम – ऐसे में उनके सीमर क्रिस वोक्स को और क्या चाहिए? पाकिस्तान के विरूद्ध ब्रिस्टल में 4-67 की गेंदबाजी इसी का सबूत है। वोक्स 87 वन डे में 121 विकेट ले चुके हैं 31.62 औसत से और इंग्लैंड में 29 मैच में 33 विकेट लिए हैं।
वोक्स को विशेषज्ञ इस विश्व कप के लिए इंग्लैंड का ‘ट्रंप कार्ड’ गिन रहे हैं। 2015 विश्व कप में कोई खास कामयाबी नहीं मिली थी पर उसके बाद उनकी गेंदबाजी बहुत बदल गई।
