2015 विश्व कप के कामयाब क्रिकेटरों में से कितने ने उसी फॉर्म को जारी रखा? बल्लेबाजी के टॉप 5 में से सिर्फ एक शिखर धवन का नाम जवाब बन सकता था पर उनके लिए विश्व कप बहुत जल्दी खत्म हो गया। गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क और ट्रेंट बोल्ट दोनों ने तब 22-22 विकेट लिए और टॉप पर थे – 26 जून के मैच नंबर 33 तक जहां एक तरफ बोल्ट 6 मैच में 29.22 की महंगी औसत के साथ सिर्फ 9 विकेट पर जूझ रहे हैं – ऑस्ट्रेलियाई खब्बू तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क 7 मैच में 18.26 औसत और 20.4 स्ट्राइक रेट के साथ 19 विकेट लेते हुए विकेट के चार्ट में टॉप पर हैं।

बात सिर्फ विकेट लेने की नहीं है। स्टार्क ने न सिर्फ अपनी 2015 विश्व कप वाली फॉर्म को जारी रखा, जिस प्रभावशाली अंदाज में इस बार विकेट लिए है उनसे वे अपना 2015 विश्व कप का रिकॉर्ड सुधारने की स्थिति में तो हैं ही, इस विश्व कप के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज के तौर पर भी सामने आए हैं। ऑस्ट्रेलियाई सेमीफाइनल खेलने की गांरटी हासिल करने वाला पहली टीम बना और ये गारंटी दिलाने में स्टार्क की गेंदबाजी का योगदान कोई कम नहीं रहा।

विश्व कप में शुरूआत बड़ी साधारण थी – अफगानिस्तान के विरूद्ध 1 विकेट। उसके बाद ट्रेंट ब्रिज में वेस्टइंडीज के विरूद्ध 5-46, ओवल में भारत के विरूद्ध 1-74, टांटन में पाकिस्तान के विरूद्ध 2-43, ओवल में श्रीलंका के विरूद्ध 4-55, ट्रेंट ब्रिज में बांग्लादेश के विरूद्ध 2-55 और लॉर्ड्स में इंग्लैंड के विरूद्ध 4-43 ने न सिर्फ स्टार्क को कामयाब बनाया, विश्व कप को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया। लॉर्ड्स में इंग्लैंड की हार ने विश्व कप के कई गेट खोल दिए, समीकरण बदल दिए और इसमें स्टार्क ने जेसन बेहरनडोर्फ के साथ मिलकर 10 में से 9 विकेट लिए। इसी में मैच का पासा पलटने की कोशिश करने वाले बेन स्टोक्स को वह यॉर्कर फेंकी थी, जिसे बॉल ऑफ़ द टूर्नामेंट के दावेदारों में से एक गिना जा रहा है।

किसी ने ध्यान नहीं दिया। स्टार्क और बेहरनडोर्फ दोनों खब्बू हैं और ऑस्ट्रेलिया ने मैच जीता 64 रन से। ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले लगभग चार साल पीछे नई गेंद, दो खब्बू तेज गेंदबाजों को दी थी। चार साल पहले विश्व कप में ये डयूटी स्टार्क और मिचेल जानसन के पास थी श्रीलंका के विरूद्ध मैच में और तब भी 64 रन से जीते थे। दो खब्बू का नई गेंद संभालना क्रिकेट में कोई अनोखी घटना नहीं है पर यह तय है कि अगर दोनों स्टीक हों तो गेंदबाजी एकदम प्रभावशाली बन जाती है।

मैच नंबर 33 खेला जा चुका है यानि कि कुल 48 मैच में से तीसरा और आखिरी राउंड शुरू हो गया। 19 विकेट के साथ तो स्टार्क विकेट चार्ट में सबसे ऊपर है ही – ज्यादा सुर्खिया बटोर रहे जोफ्रा आर्चर और मोहम्मद आमिर (दोनों 16 विकेट) तथा न्यूजीलैंड के फर्गुसन (15) और इंग्लैंड के मार्क वुड (13) से भी ऊपर। ये सभी तेज गेंदबाज हैं और हाल फिलहाल तो इस विश्व कप के विकेट चार्ट पर तेज गेंदबाज छाए हुए हैं और भी देखिए –

– स्टार्क उन 5 गेंदबाजों में से एक, जिन्होंने एक मैच में 5 विकेट लिए।

– 10 या इससे ज्यादा विकेट लेने वालों में औसत में सिर्फ मोहम्मद आमिर (17.87) तथा फर्गुसन (17.80) उनसे बेहतर।

– 10 या इससे ज्यादा विकेट लेने वालों में स्ट्राइक रेट में टॉप पर – नंबर 2 आमिर हैं 21.00 स्ट्राइक रेट से।

– स्टार्क ने अब तक तीन बार 4+ विकेट लिए – और किसी ने तो ये रिकॉर्ड दो बार भी नहीं बनाया।

ये भी नहीं है कि विकेट लेने का जोश वे विश्व कप में ही दिखाते हैं। अब तक 82 वन डे इंटरनेशनल में 164 विकेट यानि कि औसतन हर मैच में 2 विकेट और ये कोई साधारण बात नहीं। वन डे इंटरनेशनल में अपने पहले 82 मैच में इतने विकेट और किसी ने नहीं लिए – सकलेन मुश्ताक 163, ट्रेंट बोल्ट और ब्रेट ली 150 विकेट तथा अजंता मेंडिस और शेन बांड 140 विकेट तक ही पहुंचे। क्या क्रिकेट का ‘पॉवर कपल’ बनाना इस में मददगार रहा है? टॉप क्रिकेटर एलिसा हीले उनकी पत्नी हैं।

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