कप्तानी मिलने की पूरी कहानी
सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि टी20 टीम की कप्तानी का फैसला अचानक नहीं था. उन्होंने बताया कि श्रीलंका दौरे से पहले बीसीसीआई सचिव जय शाह का फोन आया और उन्हें जिम्मेदारी की जानकारी दी गई. रोहित शर्मा, मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर, राहुल द्रविड़ और टीम मैनेजमेंट की चर्चा के बाद यह फैसला हुआ. उनकी कप्तानी में भारत ने 52 में से 42 मैच जीते और कोई द्विपक्षीय टी20 सीरीज नहीं हारी.
दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने टी20 प्रारूप में अपनी कप्तानी से अलग पहचान बना ली है. उनकी अगुआई में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और टी20 विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा. इस उपलब्धि के साथ वह महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के बाद टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले भारत के तीसरे कप्तान बन गए. दिलचस्प बात यह रही कि जब उन्हें कप्तान बनाया गया था, तब यह फैसला कई लोगों के लिए हैरान करने वाला था.
कैसे मिला कप्तानी का मौका
जब रोहित शर्मा ने टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया तो कप्तानी की दौड़ में सबसे आगे हार्दिक पांड्या का नाम माना जा रहा था. कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों को उम्मीद थी कि टीम की कमान उन्हें ही सौंपी जाएगी, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अलग फैसला लेते हुए सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम की जिम्मेदारी दे दी. इस फैसले के बाद लंबे समय तक यह चर्चा चलती रही कि आखिर सूर्यकुमार को कप्तानी किस आधार पर दी गई.
सूर्यकुमार ने खुद किया खुलासा
अब यादव ने खुद इस पूरे मामले पर स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि कप्तानी का फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि टीम मैनेजमेंट और बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की सामूहिक सहमति से लिया गया था. सूर्यकुमार के अनुसार, श्रीलंका दौरे से कुछ दिन पहले बीसीसीआई सचिव जय शाह ने उन्हें फोन करके यह जानकारी दी थी कि आगे उन्हें टी20 टीम की कमान संभालनी होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि रोहित और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर इस दिशा में योजना बना रहे हैं. इसके बाद जय शाह, राहुल द्रविड़ और बाकी टीम मैनेजमेंट के साथ चर्चा हुई और फिर सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि टी20 टीम की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाए.
कप्तान के तौर पर शानदार रिकॉर्ड
सूर्यकुमार यादव का कप्तानी रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. अब तक वह 52 टी20 आई मुकाबलों में टीम इंडिया की अगुआई कर चुके हैं, जिनमें से 42 मैचों में टीम को जीत मिली है. उनका जीत प्रतिशत 80 से ज्यादा है, जो किसी भी कप्तान के लिए बेहद शानदार आंकड़ा माना जाता है. खास बात यह भी है कि कप्तान बनने के बाद उनकी कप्तानी में भारत ने अभी तक कोई भी द्विपक्षीय टी20 सीरीज नहीं गंवाई है.
